શસ્ત્ર-ચિકિત્સાની પ્રાચીનતા
By Pragnya Thakkar
Summary
કે. પ્રમા ઠાકર द्वारा लिखित "શસ્ત્ર-ચિકિત્સાની પ્રાચીનતા" लेख़ भारतीय વૈદકिय परंपरा मा सर्जरी नु स्थान औने पुरातन आवडत बारे विस्तृत माहिती आपे छे. लेखक ancient आरोग्य शास्त्रों मा surgery विशे उपलब्ध संदर्भो शोधी काढे छे औने दर्शावे छे के प्राचीन तबीबो औने सर्जनो केवी रिते रुग्णो नी उपचार करता. वैदिक औने बौद्ध ग्रंथो मा शस्त्रक्रिया नी विविध रीतो, साधनो औने संज्ञाओ न उल्लेख छे. लेख़ मा सूश्रुत संहिता, अत्रेय संहिता, चरक संहिता आदि ग्रंथो ना उदाहरणो आपीने दर्शावे छे के त्रण हजार वर्ष पूर्व भारतीय चिकित्सको नेत्रशल्यक्रिया, अस्थि प्रत्यारोपण, रक्त स्तम्भन, minor औने major ऑपरेशन जेम कार्य कुशलतापूर्वक करता. लेखक आधुनिक चिकित्सा साथे तुलना करे छे औने सूचवे छे के प्राचीन surgical विज्ञान केवल लोककथाओ मा नथी; ए पुरावो पर स्थापित science हतु. लेख़ मा सर्जन न सामाजिक status, ethics, training औने शिक्षण नी चर्चा छे. आ अध्ययन दर्शावे छे के इतिहास ने समझीने modern medicine माटे नवा संकेत प्राप्त थई शके छे. अंत मा, लेखक कहे छे के आ परंपरा नो अभ्यास करवा थी history of surgery नी क्षितिज गहिरी थशे औने अपने वैज्ञानिक स्वमान मले छे.
Conclusion
લેખક नो निष्कर्ष छे के भारत नी शस्त्र-चिकित्सा परंपरा वैज्ञानिक रिते समृद्ध हती औने तेना अनुसंधानो मा modern medicine माटे अनेक संकेत छुपायला छे. ग्रंथो नो अभ्यास करवा थी surgery ना इतिहास नी क्षितिज उंडी थाय छे औने अपना वैज्ञानिक स्वमान मा वधारो थाय छे।